cyber-law-career_2026
| | |

साइबर लॉ में करियर: सही संस्थान, सही कोर्स — फीस और स्कोप के साथ पूरी गाइड (2026 अपडेट)

साइबर लॉ में करियर: संस्थान, फीस और भविष्य (2026 अपडेट) – CYBER COPS India
Career Counselling Cyber Law

साइबर लॉ में करियर: सही संस्थान, सही कोर्स — फीस और स्कोप के साथ पूरी गाइड (2026 अपडेट)

नोट: यह लेख 2014 के मूल आलेख का संपूर्ण पुनर्लेखन है। पुराने लेख में दी गई सामान्य और अप्रमाणित बातों (जैसे “निकट भविष्य में भारी मांग होगी”) को हटाकर, अब यहाँ केवल सत्यापित जानकारी — असल संस्थानों के नाम, कोर्स के प्रकार, अनुमानित फीस (₹ में) और वर्तमान करियर डेटा — दी गई है। सभी आँकड़े जून 2026 तक उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी पर आधारित हैं।

1परिचय

भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 95 करोड़ से अधिक हो चुकी है, और डिजिटल पेमेंट, सोशल मीडिया तथा ई-कॉमर्स पर निर्भरता हर साल बढ़ रही है। इसी अनुपात में साइबर अपराध — फ्रॉड, डेटा चोरी, पहचान की चोरी, साइबरस्टॉकिंग — भी बढ़े हैं। इन्हें संभालने के लिए कानून (Information Technology Act, 2000), डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम (DPDP Act, 2023) और इनसे जुड़े विनियमों की जानकारी रखने वाले पेशेवरों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है।

साइबर लॉ अब केवल “भविष्य का विषय” नहीं रहा — यह आज, 2026 में, एक सक्रिय और रोज़गारपरक क्षेत्र बन चुका है। लेकिन सही करियर बनाने के लिए सही कोर्स चुनना ज़रूरी है, और यहीं अधिकतर विद्यार्थी और पेशेवर भ्रमित हो जाते हैं — सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा और LLM में से कौन सा कोर्स किसके लिए सही है, इसकी स्पष्ट जानकारी कम ही जगह मिलती है।

इस लेख में हम चार बातें स्पष्ट रूप से कवर करेंगे: (1) साइबर लॉ की वर्तमान वास्तविक स्थिति, (2) हर स्तर — सर्टिफिकेट से लेकर LLM तक — के वास्तविक संस्थान और उनकी अनुमानित फीस, (3) वर्तमान सैलरी और जॉब डेटा, और (4) अपने प्रोफाइल के अनुसार सही कोर्स कैसे चुनें।

2आज की वास्तविक स्थिति — हाइप नहीं, तथ्य

2026 भारत में डेटा प्रोटेक्शन कानून के क्रियान्वयन का वर्ष है। DPDP नियम नवंबर 2025 में अधिसूचित हो चुके हैं और चरणबद्ध रूप से लागू हो रहे हैं। इसका सीधा असर यह हुआ है कि अब हर मध्यम-बड़ी कंपनी को Data Protection Officer (DPO), कंप्लायंस एनालिस्ट और साइबर लॉ सलाहकार की आवश्यकता है — चाहे वह BFSI सेक्टर हो, हेल्थकेयर हो या ई-कॉमर्स।

पुराने लेख में क्या हटाया गया: मूल 2014 के लेख में “साइबर लॉ विशेषज्ञों की भारी मांग जल्द आएगी” जैसे अस्पष्ट और असत्यापित दावे थे, जिनका कोई आँकड़ा या स्रोत नहीं था। यह संशोधित लेख इसके बजाय वास्तविक संस्थानों, फीस और वेतन डेटा पर आधारित है, ताकि पाठक सूचित निर्णय ले सकें।

तीन मुख्य कारण जो 2026 में इस क्षेत्र में मांग बढ़ा रहे हैं:

  • नियामकीय दबाव: DPDP Act 2023 के तहत गंभीर सुरक्षा चूक पर जुर्माना ₹250 करोड़ तक जा सकता है — इसलिए वरिष्ठ प्रबंधन अब सीधे जवाबदेह है।
  • RBI और SEBI के निर्देश: बैंकिंग और पूंजी बाज़ार में सख्त साइबर सुरक्षा फ्रेमवर्क (जैसे SEBI का CSCRF) अनिवार्य हो चुके हैं, जिससे GRC (Governance, Risk, Compliance) भूमिकाओं की संख्या 2026 में करीब 40% बढ़ी है।
  • प्रतिभा की कमी: भारत में लगभग 10 लाख साइबर सुरक्षा/कंप्लायंस पदों की कमी है, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा कानूनी-तकनीकी (legal-technical) समझ रखने वाले पेशेवरों का है।

स्पष्ट करना ज़रूरी है — यह मांग किसी “जल्द आने वाले भविष्य” की बात नहीं, बल्कि अभी, 2026 में सक्रिय भर्ती (active hiring) की बात है।

3पाठ्यक्रम के चार स्तर — कौन सा किसके लिए?

साइबर लॉ की पढ़ाई भारत में चार अलग-अलग स्तरों पर उपलब्ध है, और हर स्तर अलग प्रोफ़ाइल के व्यक्ति के लिए बना है:

स्तरसमय-सीमाकिसके लिए उपयुक्तअनुमानित फीस रेंज
सर्टिफिकेट3–6 महीने12वीं पास से ऊपर कोई भी — जल्दी बुनियादी समझ चाहिए₹3,000 – ₹15,000
डिप्लोमा6 महीने – 1 वर्षस्नातक / विधि छात्र — व्यावहारिक आधार चाहिए₹5,500 – ₹50,000
पीजी डिप्लोमा1 वर्षकिसी भी विषय के स्नातक — गहन विशेषज्ञता चाहिए₹18,500 – ₹1,00,000
LLM (PG)1–2 वर्षLLB धारक — कानूनी प्रैक्टिस/लिटिगेशन में जाना है₹56,500 – ₹2.6 लाख प्रति वर्ष
UG एकीकृत3–5 वर्ष12वीं पास — शुरू से तकनीकी+कानूनी दोनों चाहिए₹1.2 लाख – ₹7.5 लाख कुल

नीचे हर स्तर के वास्तविक संस्थान, उनकी पात्रता और अनुमानित फीस दी गई है। फीस में बदलाव संभव है — प्रवेश से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट से पुष्टि अवश्य करें।

4सर्टिफिकेट कोर्स (3–6 महीने)

यह सबसे छोटा और सबसे किफायती रास्ता है — जो लोग कैरियर बदलने से पहले विषय को “टटोलना” चाहते हैं, या मौजूदा नौकरी के साथ बुनियादी समझ बनाना चाहते हैं, उनके लिए उपयुक्त।

IGNOU — Post Graduate Certificate in Cyber Law (PGCCL)

भारत की सबसे बड़ी ओपन यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित यह कोर्स दूरस्थ शिक्षा में सबसे भरोसेमंद और किफायती विकल्पों में से एक है।

विवरणजानकारी
अवधिन्यूनतम 6 महीने, अधिकतम 2 वर्ष
पात्रताकिसी भी विषय में स्नातक (न्यूनतम 45–50% अंक) या 5-वर्षीय एकीकृत LLB के तीसरे वर्ष के बाद के छात्र
प्रवेश परीक्षानहीं — योग्यता के आधार पर सीधा प्रवेश
फीस₹8,400 (पूरे कोर्स के लिए) + ₹300 पंजीकरण शुल्क
मोडदूरस्थ शिक्षा (Distance/ODL)

Asian School of Cyber Laws (ASCL), पुणे — Certificate in Cybercrime and Cyber Law

1999 में स्थापित ASCL भारत के सबसे पुराने विशेषीकृत साइबर लॉ संस्थानों में से एक है, जिसने अब तक 1,50,000+ छात्रों को प्रशिक्षित किया है। (पारदर्शिता हेतु: इस लेख के लेखक स्वयं ASCL के CCCI — Certified Cyber Crime Intervention Officer — प्रमाणन धारक हैं।)

विवरणजानकारी
अवधिलचीली (self-paced डिजिटल लर्निंग)
पात्रताकोई न्यूनतम योग्यता नहीं — कोई भी आवेदन कर सकता है
फीसलगभग ₹3,000 – ₹5,000
मोडपूर्णतः ऑनलाइन

ASCL अन्य लघु सर्टिफिकेट कोर्स भी चलाता है — जैसे Certificate in GDPR (~₹6,356 + GST), E-commerce Law (~₹7,250 + GST), Digital Evidence Specialist (~₹6,000) — जो विशिष्ट क्षेत्रों में रुचि रखने वालों के लिए उपयोगी हैं।

स्रोत: ignou.ac.in, asianlaws.org (जून 2026 तक उपलब्ध जानकारी)

5डिप्लोमा कोर्स (6 महीने – 1 वर्ष)

डिप्लोमा कोर्स सर्टिफिकेट से थोड़े गहन होते हैं और आमतौर पर लॉ कॉलेजों या विश्वविद्यालयों द्वारा सीधे या ASCL जैसी संस्थाओं के सहयोग से चलाए जाते हैं।

Government Law College (GLC), मुंबई — Diploma in Cyber Law

विवरणजानकारी
अवधि6 महीने
पात्रता12वीं पास / स्नातक
फीस₹8,850 (पूरे कोर्स के लिए)
साझेदारीASCL, पुणे के साथ संयुक्त रूप से 2004 से संचालित

V.M. Salgaocar College of Law, गोवा — Diploma in Cyber Law

विवरणजानकारी
अवधि6 महीने (2 ऑनलाइन कॉन्टैक्ट क्लास + परीक्षा)
फीस₹5,500
प्रमाणनVMSCL और ASCL की संयुक्त डिग्री

NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, हैदराबाद — Advanced Diploma in Cyber Laws (दूरस्थ शिक्षा)

NALSAR भारत के शीर्ष राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में से एक है। इसका दूरस्थ शिक्षा प्रभाग (NALSAR Pro) कई कानून-विशिष्ट डिप्लोमा कोर्स चलाता है, जिनमें Cyber Laws के अलावा Cyber Security & Data Protection Laws का अलग एडवांस्ड डिप्लोमा भी शामिल है।

विवरणजानकारी
अवधि1 वर्ष (अधिकतम 2 वर्ष तक पूरा करने की छूट)
पात्रताकिसी भी विषय में स्नातक, न्यूनतम 50% अंक
फीस₹20,000 – ₹50,000 (अनुमानित, कोर्स अनुसार भिन्न)
आवेदन शुल्क₹2,200 (सामान्य वर्ग) / ₹1,500 (OBC/SC/ST/EWS/PwD)
स्रोत: glc.edu.in, vmslaw.edu.in, nalsar.ac.in / nalsarpro.org (जून 2026)

6स्नातक स्तर (UG) — शुरू से तकनीकी + कानूनी संयोजन

जो छात्र 12वीं के बाद ही साइबर कानून और साइबर सुरक्षा दोनों को एक साथ पढ़ना चाहते हैं, उनके लिए एकीकृत स्नातक कार्यक्रम सबसे उपयुक्त हैं। यहाँ ध्यान देने योग्य है — शुद्ध रूप से “साइबर लॉ में B.A. LLB” जैसा कोई अलग सामान्य डिग्री कोर्स आमतौर पर नहीं होता; इसके बजाय दो रास्ते प्रचलित हैं: (क) BA LLB / BBA LLB में cyber law को विषय/specialization के रूप में पढ़ना, या (ख) तकनीकी-कानूनी संयुक्त डिग्री जैसे NFSU के कार्यक्रम।

National Forensic Sciences University (NFSU), गांधीनगर / दिल्ली — B.Sc./BBA/B.Tech + LLB एकीकृत कार्यक्रम

NFSU गृह मंत्रालय के अधीन “राष्ट्रीय महत्व का संस्थान” (Institution of National Importance) है और फॉरेंसिक विज्ञान व साइबर सुरक्षा कानून दोनों को जोड़ने वाला भारत का इकलौता विशेषीकृत विश्वविद्यालय है।

कार्यक्रमअवधिप्रवेश परीक्षाकुल फीस (अनुमानित)
BBA LLB (Hons.) — दिल्ली कैंपस5 वर्षCLAT / NFAT₹6.5 लाख
B.Sc. LLB — साइबर फॉरेंसिक्स विशेषज्ञता सहित5 वर्षCLAT / CUET₹3.6 – ₹6.5 लाख
B.Tech.–M.Tech. (Cyber Security), Cyber Law विषय सहित5 वर्ष (एकीकृत)JEE Main₹7.5 लाख

इन कार्यक्रमों में Cyber Law एक मुख्य (core) विषय के रूप में पढ़ाया जाता है, साथ ही malware analysis, digital evidence और incident response जैसे तकनीकी विषय भी शामिल हैं — यानी छात्र शुरू से ही “टेक्नो-लीगल” प्रोफाइल बनाता है।

राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (NLUs) में BA LLB / BBA LLB

NLSIU बेंगलुरु, NALSAR हैदराबाद, NLU दिल्ली जैसे शीर्ष राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में 5-वर्षीय एकीकृत BA LLB (Hons.) में cyber law/IT law एक चुनिंदा विषय (elective) के रूप में पढ़ाया जाता है। प्रवेश CLAT के माध्यम से होता है। वार्षिक फीस संस्थान अनुसार ₹1.5 लाख से ₹4.5 लाख तक होती है — पूर्ण LLM/cyber-specific जानकारी के लिए सेक्शन 8 देखें।

स्रोत: nfsu.ac.in, collegedunia.com, nalsar.ac.in (जून 2026)

7पीजी डिप्लोमा (1 वर्ष) — सबसे लोकप्रिय और व्यावहारिक रास्ता

यह स्तर उन लोगों के लिए सबसे संतुलित विकल्प है जो पहले से किसी भी विषय में स्नातक हैं (कानून ज़रूरी नहीं) और एक वर्ष में गहन, मान्यता-प्राप्त विशेषज्ञता हासिल करना चाहते हैं — बिना पूरी LLM की प्रतिबद्धता के।

NLSIU बेंगलुरु — Postgraduate Diploma in Cyber Law & Cyber Forensics (PGDCLCF)

भारत के नंबर-1 रैंक के विधि विश्वविद्यालय (NIRF) द्वारा 2013 से लगातार संचालित यह कार्यक्रम कानून और फॉरेंसिक्स दोनों को जोड़ता है।

विवरणजानकारी
अवधि1 शैक्षणिक वर्ष (आवश्यकता पड़ने पर 2 वर्ष तक विस्तार)
पात्रताकिसी भी विषय में स्नातक, न्यूनतम 50% (आरक्षित वर्ग को 5% छूट)
मोडदूरस्थ शिक्षा (NLS PACE के माध्यम से)
फीस₹36,000 – ₹50,500 (भारतीय छात्रों के लिए, स्रोत अनुसार भिन्न)

National Law Institute University (NLIU), भोपाल — Master of Cyber Law and Information Security

विवरणजानकारी
पात्रताLLB स्नातक
फीसलगभग ₹1.83 लाख प्रति वर्ष

National University of Advanced Legal Studies (NUALS), कोच्चि — PG Diploma in Cyber Law

विवरणजानकारी
फीसलगभग ₹18,500

IGNOU — Post Graduate Diploma in Cyber Law (PGDCL)

PGCCL सर्टिफिकेट के अगले चरण के रूप में IGNOU एक पूर्ण पीजी डिप्लोमा भी प्रस्तावित करता है, जो दूरस्थ शिक्षा का सबसे किफायती विकल्प बना रहता है।

विवरणजानकारी
अवधि1 वर्ष (अधिकतम 3 वर्ष)
फीसलगभग ₹8,400 – ₹10,800
स्रोत: pace.nls.ac.in, nliu.ac.in, nuals.ac.in, ignou.ac.in (जून 2026)

8LLM / स्नातकोत्तर स्तर — लिटिगेशन और सीनियर भूमिकाओं के लिए

जो लोग पहले से LLB धारक हैं और कोर्ट प्रैक्टिस, सीनियर कॉर्पोरेट लीगल काउंसल, या अकादमिक करियर की ओर बढ़ना चाहते हैं, उनके लिए LLM (Cyber Law specialization) सबसे मज़बूत विकल्प है। भारत में लगभग 28+ संस्थान LLM में Cyber Law specialization प्रदान करते हैं; प्रवेश मुख्यतः CLAT PG या CUET PG के माध्यम से होता है।

संस्थानकार्यक्रमवार्षिक/कुल फीस (अनुमानित)
MAHE (Manipal Law School), बेंगलुरुLLM in Data Privacy & Cyber Law₹2.30 लाख (कुल)
UPES, देहरादून — School of LawLLM (Cyber Law specialization)₹2.58 लाख प्रति वर्ष
JLU School of Law, भोपालLLM (Cyber Law)₹2.40 लाख प्रति वर्ष
NLIU, भोपालLLM (Cyber Law & Information Security)₹1.83 लाख प्रति वर्ष
University School of Law and Legal Studies (GGSIPU), नई दिल्लीLLM Cyber Law & Cyber Crimes (अंशकालिक भी उपलब्ध)₹75,000 प्रति वर्ष
तमिलनाडु डॉ. आंबेडकर लॉ यूनिवर्सिटी, चेन्नईLLM (Cyber Law)₹64,000 प्रति वर्ष

विशेषज्ञता के क्षेत्र आमतौर पर इनमें से किसी एक या अधिक पर केंद्रित होते हैं: Cyber Security Law, Data Privacy & Protection, E-Commerce & IT Law, Intellectual Property in Cyberspace, और Cyber Crimes & Forensics।

स्रोत: law.careers360.com, collegedunia.com, shiksha.com (जून 2026 तक)

9सैलरी और करियर स्कोप — वास्तविक आँकड़े

2026 में साइबर लॉ और संबंधित GRC/कंप्लायंस भूमिकाओं में वेतन सीधे अनुभव, विशेषज्ञता और सेक्टर पर निर्भर करता है। नीचे प्रकाशित उद्योग डेटा के आधार पर अनुमानित रेंज दी गई है — ये बाज़ार के व्यापक औसत हैं, व्यक्तिगत परिणाम भिन्न हो सकते हैं।

फ्रेशर (कानूनी/कंप्लायंस ट्रैक)

₹6 – 12 लाख / वर्ष

लॉ फर्म, कॉर्पोरेट लीगल टीम, कंप्लायंस एनालिस्ट जैसी भूमिकाओं में।

मध्य-स्तर (5–10 वर्ष अनुभव)

₹15 – 30 लाख / वर्ष

Tier-1 लॉ फर्म, in-house cyber/privacy counsel, GRC लीड भूमिकाओं में।

डेटा प्रिवेसी लॉयर (फ्रेशर)

₹8 – 12 लाख / वर्ष

बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली जैसे तकनीकी-कानूनी हब में सर्वाधिक।

वरिष्ठ (10+ वर्ष / DPO स्तर)

₹30 – 50 लाख+ / वर्ष

शीर्ष फर्मों में, विशेषकर BFSI और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में।

मुख्य डिमांड ड्राइवर — 2026
  • DPDP नियम, नवंबर 2025 में अधिसूचित — हर बड़ी संस्था को अब Data Protection Officer चाहिए।
  • RBI/SEBI के साइबर फ्रेमवर्क — विशेषकर BFSI सेक्टर में GRC भूमिकाएँ 2026 में लगभग 40% बढ़ीं।
  • साइबर हमलों में 30–40% वार्षिक वृद्धि — जिससे कानूनी-तकनीकी समझ रखने वाले इंसिडेंट-रिस्पॉन्स व कंप्लायंस पेशेवरों की मांग बढ़ी है।

किस तरह की भूमिकाएँ उपलब्ध हैं

  • लिटिगेशन / कोर्ट प्रैक्टिस: साइबर अपराध, डेटा उल्लंघन से जुड़े आपराधिक व दीवानी मामले (आवश्यकता: LLB/LLM)
  • कॉर्पोरेट इन-हाउस काउंसल: बैंकिंग, IT, ई-कॉमर्स, टेलिकॉम कंपनियों में नीति-निर्माण व अनुपालन
  • Data Protection Officer (DPO): DPDP Act के तहत अनिवार्य भूमिका, कानूनी व तकनीकी दोनों समझ चाहिए
  • GRC कंसल्टेंट: ऑडिट फर्म, Big-4 कंपनियों में ISO 27001/27701, DPDP गैप-असेसमेंट जैसे काम
  • साइबर फॉरेंसिक सलाहकार: कानून प्रवर्तन एजेंसियों व निजी जाँच फर्मों के साथ साक्ष्य विश्लेषण
  • शिक्षा/अकादमिक: लॉ कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक (UGC नियमों के अधीन)
स्रोत: lawbhoomi.com, thelegalschool.in, amityonline.com, taggd.in (जून 2026 तक प्रकाशित डेटा)

10अपने लिए सही कोर्स कैसे चुनें — व्यावहारिक सलाह

  • ✅ अगर आप अभी 12वीं पास हैं और शुरू से तकनीकी+कानूनी मिश्रित करियर चाहते हैं → NFSU के एकीकृत कार्यक्रम (B.Sc./BBA/B.Tech + LLB) या किसी NLU में BA LLB (CLAT के माध्यम से) पर विचार करें।
  • ✅ अगर आप किसी भी विषय में स्नातक हैं (कानून ज़रूरी नहीं) और एक वर्ष में व्यावहारिक विशेषज्ञता चाहते हैं → NLSIU का PGDCLCF या IGNOU का PGDCL/PGCCL सबसे संतुलित विकल्प हैं।
  • ✅ अगर आप पहले से कार्यरत पेशेवर हैं (IT, बैंकिंग, HR) और बिना नौकरी छोड़े बुनियादी समझ चाहते हैं → IGNOU PGCCL या ASCL के सर्टिफिकेट/डिप्लोमा कोर्स सबसे व्यावहारिक हैं — कम फीस, लचीला समय।
  • ✅ अगर आप LLB धारक हैं और कोर्ट प्रैक्टिस, सीनियर इन-हाउस काउंसल या अकादमिक करियर चाहते हैं → LLM (Cyber Law specialization) ही सही रास्ता है — CLAT PG/CUET PG की तैयारी करें।
  • ✅ हमेशा जाँचें: संस्थान UGC/BCI से मान्यता-प्राप्त है या नहीं, फीस की पुष्टि आधिकारिक वेबसाइट से करें, और जहाँ संभव हो — पूर्व छात्रों से कोर्स की वास्तविक उपयोगिता के बारे में बात करें।

एक व्यावहारिक सुझाव — अधिकतर सफल साइबर लॉ पेशेवर एक ही कोर्स पर नहीं रुकते। एक सामान्य रास्ता यह है: पहले एक किफायती सर्टिफिकेट/डिप्लोमा से क्षेत्र को परखें, फिर रुचि पक्की होने पर पीजी डिप्लोमा या LLM जैसे गहन कार्यक्रम में निवेश करें। इससे समय और पैसा दोनों बचता है।

11निष्कर्ष

साइबर लॉ अब अनुमान या भविष्यवाणी का विषय नहीं रहा — 2026 में यह DPDP Act के क्रियान्वयन, बढ़ते साइबर हमलों और नियामकीय दबाव के चलते एक सक्रिय, मापने योग्य (measurable) करियर क्षेत्र बन चुका है। लेकिन इसमें सफलता सही जानकारी और सही कोर्स के चुनाव से शुरू होती है — न कि सामान्यीकृत दावों से।

चाहे आप 12वीं के बाद एकीकृत कार्यक्रम चुनें, स्नातक के बाद एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा करें, या LLB के बाद विशेषीकृत LLM करें — महत्वपूर्ण यह है कि कोर्स आपकी मौजूदा योग्यता, समय की उपलब्धता और करियर लक्ष्य से मेल खाता हो। ऊपर दी गई संस्थागत जानकारी और फीस विवरण आपको एक सूचित शुरुआत देने के लिए संकलित किए गए हैं।

NR

नीलाभ राय (Neelabh Rai)

ASCL CCCI · BSI CLIP ISO 27701:2019 & GDPR · CQI/IRCA ISO 27001:2022 LA · ISO 42001:2023 LI · IRCA ISO 22301 LA · TISAX LA/LI (TÜV SÜD) · Diploma in Indian Cyber Law (Govt. Law College, Mumbai) · B.Tech IT (AKGEC, UPTU) · Fellow, IETE · EC Member, IETE Noida Chapter · Founder, CYBER COPS India · 11+ वर्षों का GRC अनुभव

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.